Monday, 15 December 2014

हम...

हम

तुम कहते हो की
तुम 'तुम' हो
मैं कहती हूँ की
मैं 'मैं' हूँ

फिर जब हम साथ में होते हैं
तो
तुम क्यूँ 'तुम' नहीं रहते
मैं क्यूँ 'मैं' नही रहती

ये जो तुम्हारा और मेरा
'हम' हो जाना है
यही प्यार का तराना है

आओ-
जी ले इसे
उस दुनिया में भी जहाँ
हम एक दूसरे से अलग हैं

जहाँ तुम 'तुम' हो
और
जहाँ मैं मैं'' हूँ

Monday, 8 December 2014

दिल की कहानी...

दिल की कहानी...

दिल होगा तो इसकी इक कहानी होगी
और मौजों में बहने वाली रवानी होगी

अगर खुशियाँ मिली इस कहानी में तो
सारी खुशियाँ इस कहानी की दीवानी होगी

जो कहीं भूले से ग़म आ जायेंगें तो
सुरमई अंखियाँ पानी पानी होगी

अब जो भी कह लो इसे रिवायत या दस्तूर
जिसमे ग़म न हो ऐसी कहाँ कोई ज़िन्दगानी होगी

ये तुम्हारी मर्ज़ी है रो लो या ख़ुशी से जियो
जैसे चाहोगे वैसी ही तुम्हे ज़िन्दगी बितानी होगी

गर खुशबू के दीवाने हो तो तलाश ज़ारी रखो
मिल गया तुम्हे गुलाब तो ये खुदा की मेहेरबानी होगी

Sunday, 7 December 2014

कई बार यूँ भी हुआ है

कई बार यूँ भी हुआ है...


कई बार यूँ भी हुआ है
की जब धुंध में चलते चलते
अचानक से तुम्हारी परछाई सी नज़र आई है
और ऐसा महसूस हुआ की तुम सामने ही हो
हर बार तो मुस्कुरा कर बात टाली नही जा सकती न

इसलिए कई बार तो मैं बहुत करीब गयी तुम्हारे
और तुम्हें छूकर भी देखा है
कई बार तो यूँ भी हुआ की
छूकर भी तुम्हारा अक्स कहीं नही खोया
और मुस्कुरा कर तुमने कहा हो
जैसे
मैं कोई सपना नहीं हूँ
तुम्हारा ख्याल नहीं जो आकर चला जाये
मैं हकीक़त हूँ
तुम्हारा प्यार हूँ
तुम्हारा दिल हूँ तुम्हारी जान हु
तुम्हारी आँखों में जो नमी है प्यार की
मैं उसकी पुख्ता पहचान हूँ
तुम्हारी सांसों में बसता हूँ
तुम्हारे ह्रदय का राग हूँ

महज़ इतनी सी बात हैं
अब मैं दिन में ख्वाब देखने लगी हूँ
तुम रु ब रु नहीं फिर भी
तुमसे बात करने लगी हूँ
हाँ ये सच हैं
मैं तुम्हें बहुत प्यार करने लगी हूँ

Sunday, 31 August 2014

Amrita Pritam ...

Amrita Pritam ki sabse khubsurat nazm ko apne shabdo me likh kar unhe shradhanjali dene ki ik chhoti si koshish...


देने को तो बहुत कुछ हैं, 
पर कुछ अपना सा देना चाहती हूँ...!!!!

एक कतरा आसमान 
पैरो तले जमीन 
सूरज की पहली किरण
और चाँद की चांदनी
अच्छा लगे तो और मांगो

देने को तो बहुत कुछ हैं
पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ..!!!

एक मुट्ठी सपने
करोड़ो तारो सी कामयाबी
नदी के बहाव सी लगन और,
सागर सी गहराई 

देने को तो बहुत कुछ हैं

पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ....!!!

Sunday, 6 July 2014

पल पल में ये पल भी बीत जायेगा

 पल पल में ये पल भी बीत जायेगा 
जो बीत गया वो पल फिर नही आयेगा 

अभी भी वक़्त है,मान  लो दिल  का कहा वरना
एक बार जो दिल टूट गया तो फिर जुड़ नही पायेगा

हम सोचते ही रहे गम से निकलने के रास्ते
पर ये तो है मन में बसा ये अब नही जायेगा

जाने कितने दिनों से बंद है सारे दरवाज़े
ख़ुशी का झोंका जाने किस तरह आयेगा

ये शायद हमारी मोहब्बत की ही कमी है
अंधेरों में भला कैसे कोई चाहत की रौशनी जलायेगा 

अब ये कैसे कहें की उदासी अच्छी नही लगती हमको
खुशियों का वो दौर अब लौट कर नहीं आयेगा

अब यूँ क्यों तूफ़ान के आने का मातम मनायें हम
जो बिखर गया है वो अब वापस नही आयेगा

अब भी चाहो तो बदल सकते हो दुनिया को
डट जाओ जो अभी तो फिर तुम्हे कोई रोक नही पायेगा

उसी को मिलती है जीत की ख़ुशी यारों जो हार न माने
जिसका खुद पर यक़ीन हो उसे भला कौन हरायेगा 

Monday, 17 February 2014

कुछ ख्वाहिश

कुछ ख्वाहिश


आज कुछ ख्वाहिश  की तेरे पास आने की 
आज फिर दिल ने दूरियाँ बना ली
 
आज फिर मन ने चाहा कि तुझे ख़त लिखूँ 
आज फिर मन की सारी बातें हमने छुपा ली

आज फिर लबों ने चाहा कि तुझे गुनगुना लूँ 
आज फिर हमने सारी सरगम भुला दी

आज फिर आँखों ने चाहा कि तुझे ख्वाबों  में 
अपने बसा लूँ 
आज फिर हमने सारी  रात आँखों में गुज़ार दी
 
आज फिर हाँथों ने तेरा साथ माँगा 
आज फिर नए रास्तो को हमने अपनी चाहत बना ली 

आज फिर कदम चल पड़े तेरी तरफ 
आज फिर हमने नयी मंज़िलें बना ली
 
आज फिर दिल ने तुझे याद किया 
आज फिर हमने तुझे भुलाने की सारी कोशिशें भुला दी 
 
बस इतना ही कहना है तुमसे 
ओ मेरे हमसफ़र तेरी धड़कनो को हमने अपनी ज़िन्दगी बना ली  

Thursday, 13 February 2014

मन के मीत

मन के मीत 

भीड़ में भटकता ये मन 
तुमको ही ढूँढता ये मन.. 

घर से निकलते ही.. 
दिल को समझाता ये मन.. 

आये होंगे साजन ज़रूर 
ये सोच के मुस्कुराता ये मन.. 

तेज़ कदमो से चलना फिर 
रूक के सोचता ये मन.. 

आयेंगे या नही आयेंगे 
ऐसे ही उधेड़बुन करता ये मन..

अचानक सामने पाकर तुमको 
हौले से मुस्काता ये मन.. 

नज़रो से नज़र मिलते ही
शर्माता लजाता ये मन.. 

तुमसे ही मिलाना चाहता है  
फिर तुमसे ही सकुचाता ये मन.. 

मन के मीत को सामने पाकर 
मन ही मन मुस्काता ये मन..