Wednesday, 19 October 2016

चौथ की चूड़ियाँ...

एक बात थी एक रात थी
और चाँदनी बेबाक थी
एक तुम एक मैं
और दिए की वो लौ
तुम्हारी झीनी सी झलक
और मद्धम सी मुस्कुराहट
वो मेहंदी की खुशबू
वो चूड़ियो की खनखनाहट
जो पहनाई थी तुमने हाथो में
वो प्यार की गर्माहट
वो देखना तेरा एकटक
वो शर्मना मेरा
वो सब कुछ तुम्हें भी तो याद होगा
आओ इस चौथ की रात को 
बेहद खुबसूरत बना दे हम
की दूर हो कर भी एक दूजे से
चलो चाँद को देख के मुस्कुरा दे हम।

#dekho_chaand_aaya_chaand_nazar_aaya

#ik_khayal_aur_tum
#dairy_Ke_panne

#RenuChoudhary

No comments:

Post a Comment