Amrita Pritam ki sabse khubsurat nazm ko apne shabdo me likh kar unhe shradhanjali dene ki ik chhoti si koshish...
देने को तो बहुत कुछ हैं,
पर कुछ अपना सा देना चाहती हूँ...!!!!
एक कतरा आसमान
पैरो तले जमीन
सूरज की पहली किरण
और चाँद की चांदनी
अच्छा लगे तो और मांगो
देने को तो बहुत कुछ हैं
पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ..!!!
एक मुट्ठी सपने
करोड़ो तारो सी कामयाबी
नदी के बहाव सी लगन और,
सागर सी गहराई
देने को तो बहुत कुछ हैं
पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ....!!!
देने को तो बहुत कुछ हैं,
पर कुछ अपना सा देना चाहती हूँ...!!!!
एक कतरा आसमान
पैरो तले जमीन
सूरज की पहली किरण
और चाँद की चांदनी
अच्छा लगे तो और मांगो
देने को तो बहुत कुछ हैं
पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ..!!!
एक मुट्ठी सपने
करोड़ो तारो सी कामयाबी
नदी के बहाव सी लगन और,
सागर सी गहराई
देने को तो बहुत कुछ हैं
पर अपना सा कुछ देना चाहती हुँ....!!!