पल पल में ये पल भी बीत जायेगा
जो बीत गया वो पल फिर नही आयेगा
अभी भी वक़्त है,मान लो दिल का कहा वरना
एक बार जो दिल टूट गया तो फिर जुड़ नही पायेगा
हम सोचते ही रहे गम से निकलने के रास्ते
पर ये तो है मन में बसा ये अब नही जायेगा
जाने कितने दिनों से बंद है सारे दरवाज़े
ख़ुशी का झोंका जाने किस तरह आयेगा
ये शायद हमारी मोहब्बत की ही कमी है
अंधेरों में भला कैसे कोई चाहत की रौशनी जलायेगा
अब ये कैसे कहें की उदासी अच्छी नही लगती हमको
खुशियों का वो दौर अब लौट कर नहीं आयेगा
अब यूँ क्यों तूफ़ान के आने का मातम मनायें हम
जो बिखर गया है वो अब वापस नही आयेगा
अब भी चाहो तो बदल सकते हो दुनिया को
डट जाओ जो अभी तो फिर तुम्हे कोई रोक नही पायेगा
उसी को मिलती है जीत की ख़ुशी यारों जो हार न माने
जिसका खुद पर यक़ीन हो उसे भला कौन हरायेगा
एक बार जो दिल टूट गया तो फिर जुड़ नही पायेगा
हम सोचते ही रहे गम से निकलने के रास्ते
पर ये तो है मन में बसा ये अब नही जायेगा
जाने कितने दिनों से बंद है सारे दरवाज़े
ख़ुशी का झोंका जाने किस तरह आयेगा
ये शायद हमारी मोहब्बत की ही कमी है
अंधेरों में भला कैसे कोई चाहत की रौशनी जलायेगा
अब ये कैसे कहें की उदासी अच्छी नही लगती हमको
खुशियों का वो दौर अब लौट कर नहीं आयेगा
अब यूँ क्यों तूफ़ान के आने का मातम मनायें हम
जो बिखर गया है वो अब वापस नही आयेगा
अब भी चाहो तो बदल सकते हो दुनिया को
डट जाओ जो अभी तो फिर तुम्हे कोई रोक नही पायेगा
उसी को मिलती है जीत की ख़ुशी यारों जो हार न माने
जिसका खुद पर यक़ीन हो उसे भला कौन हरायेगा